बड़ी खबर : डीएम साहब इस ओर दीजिए ध्यान, भूमाफिया चीर रहे गंगा का सीना,गंगा किनारे बना रहे अवैध रूप से कॉलोनी एवं कमर्शियल फ्लैट, रिहायशी क्षेत्र में बदल रहा फ्लड जोन।

बड़ी खबर : डीएम साहब इस ओर दीजिए ध्यान, भूमाफिया चीर रहे गंगा का सीना,गंगा किनारे बना रहे अवैध रूप से कॉलोनी एवं कमर्शियल फ्लैट, रिहायशी क्षेत्र में बदल रहा फ्लड जोन।

* कांगड़ी में डूब क्षेत्र में गंगा किनारे बड़े पैमाने पर  भूमाफिया सक्रिय। 
* जेसीबी की मदद से गंगा नदी के प्रवाह वाले स्थान को भूमाफिया द्वारा कब्जाया जाना सामने आया। 
( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
हरिद्वार। जनपद में माफिया कई सालों से नदी नालों की जमीनों को पाटकर अवैध कब्जे कर निर्माण कराने में लगे हैं, लेकिन प्रशासन अब तक इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। प्रशासन कार्रवाही करने के स्थान पर इनके आगे नतमस्तक नजर आ रहा हैं।
हालात यह हैं कि कांगड़ी में डूब क्षेत्र में गंगा किनारे बड़े पैमाने पर  भूमाफिया सक्रिय हैं। इतना ही नहीं भूमाफिया ने गंगा प्रवाह होने वाले स्थान को भी नहीं बख्शा हैं। वहां कंकरीट की दिवारे बनाकर अवैध रूप से प्लाटिंग कर धड़ल्ले से प्लाट बिक्री करने में लगा हैं। जबकि नियमानुसार जल मग्न भूमि पर किसी भी तरह का आनुवांशिक अधिकार प्राप्त नहीं होता हैं और न ही जलमग्न भूमि पर किसी प्रकार कोई निर्माण किया जा सकता हैं।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार श्यामपुर गाजीवाली स्थित श्याम बैकुंठ आश्रम के पीछे कंकरीट और जेसीबी की मदद से गंगा नदी के प्रवाह वाले स्थान को भूमाफिया द्वारा कब्जाया जाना सामने आया हैं। माफिया नदी की ओर विस्तार कर रहा है, लेकिन अधिकारी कार्रवाई को लेकर उदासीन बने हैं। गंगा किनारे कॉलोनी विकसित का अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है। खास बात यह है कि बाढ़ आपदा की दृष्टि से यह क्षेत्र संवेदनशील है, लेकिन नदी के किनारे अनाधिकृत कब्जा कर प्लाटिंग करने वालों को इसकी कोई परवाह नहीं है। नदी के बीच की जमीनें भी रिहायशी क्षेत्र में बदल रही हैं, जबकि हर साल मानसून सीजन में इस क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर जल प्लावित हो जाता है। फिर भी गंगा किनारे की यह भूमि भूमाफियाओं की पहली पसंद बनी हुई है।
इतना ही नहीं भूमाफिया द्वारा ETH इंफ्रा के माध्यम से पूर्व में दिल्ली के एक अग्रवाल परिवार के साथ सिगनेचर विला प्रोजेक्ट में निवेश को लेकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी भी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री उत्तराखंड को की गई थी। जिसके बाद अपर सचिव उत्तराखंड द्वारा विकास प्राधिकरण को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया था। लेकिन दबाव के चलते विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई इन अवैध निर्माणों पर नहीं की गई है। देखना होगा की खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी महोदय सहित सम्बंधित अधिरिगण क्या कार्रवाई करते हैं? 
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